(N/A) क्रोमैटोग्राफी तकनीक के उपयोग निम्नलिखित हैं:
$(i)$ यौगिकों के शुद्धिकरण में।
$(ii)$ यौगिकों की शुद्धता की जांच करने के लिए।
$(iii)$ मिश्रणों को उनके घटकों में अलग करने के लिए।
$(b)$ क्रोमैटोग्राफी नाम ग्रीक शब्द $chroma$ से लिया गया है,जिसका अर्थ $color$ (रंग) है। रंग के आधार पर इसे क्रोमैटोग्राफी कहा जाता है।
$(c)$ क्रोमैटोग्राफी का उपयोग सबसे पहले पौधों में पाए जाने वाले रंगीन पदार्थों को अलग करने के लिए किया गया था। प्रक्रिया:
$(i)$ पौधों से प्राप्त रंगीन पदार्थों के मिश्रण को स्थिर प्रावस्था (stationary phase) पर लगाया जाता है,जो ठोस या तरल हो सकता है।
$(ii)$ एक शुद्ध विलायक,विलायकों का मिश्रण,या गैस को स्थिर प्रावस्था के ऊपर धीरे-धीरे चलने दिया जाता है।
$(iii)$ अधिशोषित मिश्रण के घटक धीरे-धीरे एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
$(iv)$ स्थिर प्रावस्था पर चलने वाली प्रावस्था (तरल या गैस) को गतिशील प्रावस्था (mobile phase) कहा जाता है।