एक धातु की सतह को फोटोइलेक्ट्रिक उत्सर्जन के लिए दी गई तीव्रता और आवृत्ति के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। यदि प्रकाश की तीव्रता को उसके मूल मान का एक-चौथाई कर दिया जाए,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $(KE)$ क्या होगी?

  • A
    मूल मान से दोगुनी
  • B
    मूल मान से चार गुना
  • C
    मूल मान का एक-चौथाई
  • D
    अपरिवर्तित

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जब किसी धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो प्रकाश-विद्युत धारा के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $3V_0$ है। जब उसी सतह को $2\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V_0$ है। इस सतह के लिए प्रकाश-विद्युत प्रभाव की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

Difficult
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आपतित फोटॉन तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के साथ प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए,निरोधी विभव (stopping potential) $V_0$ है। $V_0$ का $\lambda$ और $1/\lambda$ के साथ सही परिवर्तन पहचानें।

सूची-$I$ में दिए गए कृष्णिका (black body) के तापमान को सूची-$II$ में दिए गए उपयुक्त कथन के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनिए।
[दिया गया है: वीन नियतांक $2.9 \times 10^{-3} \, m-K$ और $\frac{hc}{e}=1.24 \times 10^{-6} \, V-m$ ]
सूची-$I$ सूची-$II$
$(P)$ $2000 \, K$ $(1)$ अधिकतम तरंगदैर्ध्य पर विकिरण $4 \, eV$ कार्यफलन वाली धातु से फोटोइलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन का कारण बन सकता है।
$(Q)$ $3000 \, K$ $(2)$ अधिकतम तरंगदैर्ध्य पर विकिरण मानव आँख के लिए दृश्य है।
$(R)$ $5000 \, K$ $(3)$ अधिकतम उत्सर्जन तरंगदैर्ध्य पर विकिरण एकल स्लिट विवर्तन के सबसे चौड़े केंद्रीय उच्चिष्ठ का परिणाम देगा।
$(S)$ $10000 \, K$ $(4)$ प्रति इकाई क्षेत्रफल उत्सर्जित शक्ति $6000 \, K$ तापमान पर कृष्णिका द्वारा उत्सर्जित शक्ति का $1/16$ है।
$(5)$ अधिकतम उत्सर्जन तरंगदैर्ध्य पर विकिरण का उपयोग मानव हड्डियों की इमेजिंग के लिए किया जा सकता है।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव प्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
$(I)$ धातु पर प्रकाश पड़ते ही फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो जाते हैं।
$(II)$ एक न्यूनतम आवृत्ति होती है जिसके नीचे कोई फोटो-करंट नहीं देखा जाता है।
$(III)$ निरोधी विभव (stopping potential) प्रकाश की आवृत्ति के समानुपाती होता है।
$(IV)$ फोटो-करंट प्रकाश की तीव्रता के साथ रैखिक रूप से बदलता है।
उपरोक्त में से कौन से कथन यह दर्शाते हैं कि प्रकाश क्वांटा (फोटॉन) से बना है जिनकी ऊर्जा आवृत्ति के समानुपाती होती है?

$600 \, nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश के संपर्क में आने वाली एक धातु पर विचार करें। जब $400 \, nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग किया जाता है,तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। धातु का कार्य फलन (work function) $eV$ में ज्ञात कीजिए।

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