$5 \ \Omega$ प्रतिरोध और $4 \ H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली को $10 \ V$ की बैटरी से जोड़ा गया है। कुंडली में संचित ऊर्जा है: ($J$ में)

  • A
    $0.8$
  • B
    $8$
  • C
    $16$
  • D
    $4$

Explore More

Similar Questions

एक कुंडली का प्रेरकत्व $2 \, H$ और प्रतिरोध $4 \, \Omega$ है। कुंडली पर $10 \, V$ का विभवांतर लगाया जाता है। जब धारा अपने संतुलन मान तक पहुँच जाती है,तो चुंबकीय क्षेत्र में संचित ऊर्जा $.......... \times 10^{-2} \, J$ होगी।

$2 \ H$ प्रेरकत्व वाले एक परिनालिका (solenoid) में $1 \ A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। परिनालिका में संचित चुंबकीय ऊर्जा कितनी है ($J$ में)?

यदि $4$ $A$ की धारा $400$ फेरों वाली एक कुंडली से $3 \times 10^{-3}$ $Wb$ का चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न करती है, तो कुंडली में संचित ऊर्जा होगी: ($J$ में)

$10 \, \Omega$ प्रतिरोध और $5 \, H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली को $100 \, V$ की बैटरी से जोड़ा जाता है। कुंडली में संचित ऊर्जा है:

जब एक कुंडली (coil) से धारा $I$ प्रवाहित होती है,तो इसमें $E_1$ ऊर्जा संचित होती है। अब यदि धारा को घटाकर $I/2$ कर दिया जाए,तो कुंडली में संचित ऊर्जा $E_2$ हो जाती है। ऊर्जा में परिवर्तन क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo