जब एक कुंडली (coil) से धारा $I$ प्रवाहित होती है,तो इसमें $E_1$ ऊर्जा संचित होती है। अब यदि धारा को घटाकर $I/2$ कर दिया जाए,तो कुंडली में संचित ऊर्जा $E_2$ हो जाती है। ऊर्जा में परिवर्तन क्या है?

  • A
    $E_1/4$
  • B
    $3E_1/4$
  • C
    $4E_1/3$
  • D
    $E_1/2$

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कथन : यदि किसी परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को परिमाण समान रखते हुए उलट दिया जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
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