एक वृत्ताकार डिस्क को लोहे और एल्युमीनियम का उपयोग करके बनाया जाना है,ताकि इसकी ज्यामितीय अक्ष के परितः इसका जड़त्व आघूर्ण (moment of inertia) अधिकतम हो। यह किसके द्वारा संभव है?

  • A
    लोहे और एल्युमीनियम की परतें एकांतर क्रम में
  • B
    आंतरिक भाग में एल्युमीनियम और उसके चारों ओर लोहा
  • C
    आंतरिक भाग में लोहा और उसके चारों ओर एल्युमीनियम
  • D
    या तो $(a)$ या $(c)$

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$M \ kg$ द्रव्यमान और $L \ m$ लंबाई वाली दो समान पतली छड़ें चित्र में दिखाए अनुसार जुड़ी हुई हैं। बिंदु $P$ से गुजरने वाली और छड़ों के तल के लंबवत अक्ष के परितः संयुक्त छड़ प्रणाली का जड़त्व आघूर्ण $\frac{x}{12} M L^2 \ kg \ m^2$ है। $x$ का मान . . . . . . है।

एक पतली समान वृत्ताकार डिस्क की उसके केंद्र से गुजरने वाली और उसके तल के लंबवत अक्ष के परितः घूर्णन त्रिज्या $K_{c}$ है। उसी डिस्क की उसके व्यास के परितः घूर्णन त्रिज्या $K_d$ है। अनुपात $K_c: K_d$ है

$m$ द्रव्यमान और $l$ लंबाई के एक तार को एक वृत्ताकार वलय (ring) के रूप में मोड़ा जाता है। अपनी अक्ष के परितः वलय का जड़त्व आघूर्ण क्या होगा?

$R$ त्रिज्या और $L$ लंबाई वाले एक समान ठोस बेलन का इसके केंद्रीय अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I_1$ है। मूल बेलन से $R' = \frac{R}{2}$ त्रिज्या और $L' = \frac{L}{2}$ लंबाई का एक संकेंद्रित ठोस बेलन काटकर निकाला जाता है। यदि $I_2$ उसी अक्ष के परितः बेलन के कटे हुए भाग का जड़त्व आघूर्ण है,तो $\frac{I_1}{I_2} = ..........$

समान त्रिज्या एवं द्रव्यमान वाले दो वलय इस प्रकार रखे हुए हैं कि उनके केंद्र एक ही बिंदु पर स्थित हैं तथा उनके तल परस्पर लंबवत हैं। एक वलय के तल के लंबवत और केंद्र से गुजरने वाले अक्ष के परित: इस निकाय का जड़त्व आघूर्ण होगा (वलय का द्रव्यमान = $m$,त्रिज्या = $r$):

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