$X$ और $Y$ दो परिपथ हैं जिनका पारस्परिक प्रेरण गुणांक $3 \text{ mH}$ है और प्रतिरोध क्रमशः $10 \text{ } \Omega$ और $4 \text{ } \Omega$ हैं। परिपथ $Y$ में $60 \times 10^{-4} \text{ A}$ की प्रेरित धारा प्राप्त करने के लिए,$0.02 \text{ s}$ में परिपथ $X$ में धारा का कितना परिवर्तन करना होगा ($A$ में)?

  • A
    $1.6$
  • B
    $0.16$
  • C
    $0.32$
  • D
    $3.2$

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Similar Questions

दो कुंडलियों $A$ और $B$ का अन्योन्य प्रेरण गुणांक $M = 2 \ H$ है। कुंडली $B$ में धारा परिवर्तन के कारण कुंडली $A$ से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स $10 \ s$ में $4 \ Wb$ बदल जाता है। तो:

यदि प्राथमिक कुंडली में बहने वाली $3.0 \ A$ की धारा $0.001 \ s$ में शून्य हो जाती है,तो द्वितीयक कुंडली में प्रेरित $e.m.f.$ $15000 \ V$ है। दोनों कुंडलियों के बीच अन्योन्य प्रेरकत्व ($H$ में) क्या है?

$r_1$ और $r_2$ $(r_1 > r_2)$ त्रिज्या वाले दो समतलीय संकेंद्रित धातु के छल्ले हवा में रखे गए हैं। बड़ी त्रिज्या वाली कुंडली से $I$ धारा प्रवाहित हो रही है। कुंडलियों के बीच अन्योन्य प्रेरण (mutual inductance) ($\mu_0 =$ मुक्त स्थान की पारगम्यता) क्या होगा?

$0.30 \, m$ लंबाई के एक परिनालिका (solenoid) में $2000$ फेरे हैं। इसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $1.2 \times 10^{-3} \, m^2$ है। इसके मध्य भाग के चारों ओर $300$ फेरों वाली एक कुंडली लपेटी गई है। यदि परिनालिका में $2 \, A$ की प्रारंभिक धारा को $0.25 \, s$ में उलट दिया जाए,तो कुंडली में प्रेरित $e.m.f.$ क्या होगा?

$R_{1}$ और $R_{2}$ त्रिज्या वाले दो चालक वृत्ताकार लूप एक ही तल में इस प्रकार रखे गए हैं कि उनके केंद्र संपाती हैं। यदि $R_{1} >> R_{2}$ है,तो उनके बीच का अन्योन्य प्रेरकत्व (mutual inductance) $M$ किसके समानुपाती होगा?

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