प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए निरोधी विभव (stopping potential) और आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच खींचे गए ग्राफ की ढाल (slope) . . . . . . होती है।

  • A
    $h/e$
  • B
    $he$
  • C
    $e/h$
  • D
    इनमें से कोई नहीं।

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यह मानते हुए कि प्रकाश-उत्सर्जन (photoemission) होता है,जब आपतित विकिरण की तरंगदैर्ध्य को चार गुना बढ़ा दिया जाता है,तो उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग किस कारक से बदलता है?

एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की देहली आवृत्ति $v$ है। जब $2v$ आवृत्ति के फोटॉन पदार्थ पर आपतित होते हैं,तो फोटोइलेक्ट्रॉन अधिकतम रैखिक संवेग $P$ के साथ उत्सर्जित होते हैं। अधिकतम रैखिक संवेग $2P$ वाले फोटोइलेक्ट्रॉन प्राप्त करने के लिए,आपतित फोटॉनों की आवृत्ति क्या होनी चाहिए ($v$ में)?

एक पृथक लेड (सीसा) का गोला $\lambda = 221 \,nm$ तरंगदैर्ध्य वाले $EM$ विकिरण द्वारा निरंतर विकिरणित होने पर आवेशित हो जाता है। यदि इसका कार्य फलन (work function) $4.14 \,eV$ है, तो लेड के गोले द्वारा प्राप्त अधिकतम विभव क्या होगा ($\,V$ में)? (लें, $h = 6.63 \times 10^{-34} \,J \cdot s$, $c = 3 \times 10^8 \,m/s$, $e = 1.6 \times 10^{-19} \,C$):

जब एक निश्चित धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो प्रकाश-विद्युत धारा के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $4 V_0$ है। जब उसी सतह को $3 \lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V_0$ है। इस सतह के लिए प्रकाश-विद्युत प्रभाव की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

जब प्रकाश किसी सतह पर आपतित होता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इन फोटोइलेक्ट्रॉनों के लिए:

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