एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की देहली आवृत्ति $v$ है। जब $2v$ आवृत्ति के फोटॉन पदार्थ पर आपतित होते हैं,तो फोटोइलेक्ट्रॉन अधिकतम रैखिक संवेग $P$ के साथ उत्सर्जित होते हैं। अधिकतम रैखिक संवेग $2P$ वाले फोटोइलेक्ट्रॉन प्राप्त करने के लिए,आपतित फोटॉनों की आवृत्ति क्या होनी चाहिए ($v$ में)?

  • A
    $2$
  • B
    $3$
  • C
    $4$
  • D
    $5$

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एक निश्चित धातु का कार्य फलन (work function) $3.31 \times 10^{-19} \,J$ है। $5000 \text{ Å}$ तरंगदैर्ध्य वाले आपतित विकिरण द्वारा उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी ($\text{ eV}$ में)? (दिया है: $h = 6.62 \times 10^{-34} \,J \cdot s$,$c = 3 \times 10^8 \,m/s$,$e = 1.6 \times 10^{-19} \,C$)

एक धात्विक सतह से आपतित प्रकाश की आवृत्तियों $v_1$ और $v_2$ $(v_1 > v_2)$ के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन देखा जाता है। दोनों स्थितियों में उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात $1:x$ है। अतः धात्विक सतह की देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या है?

यदि एक फोटोसेल को $1240 \, Å$ के विकिरण से प्रकाशित किया जाता है, तो निरोधी विभव (stopping potential) $8 \, V$ पाया जाता है; तो उत्सर्जक का कार्य फलन (work function) और देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) ज्ञात कीजिए।

किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का तरंग समीकरण $E = 100 \frac{V}{m} [\sin(7 \omega t) + \cos(10 \omega t) + \cos(15 \omega t)]$ है। यदि फोटोसेल का कार्य फलन $\phi$ है,तो निरोधी विभव (stopping potential) क्या होगा?

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जब आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $500 \,nm$ से बदलकर दूसरी तरंगदैर्ध्य कर दी जाती है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में $0.52 eV$ की वृद्धि होती है। नई तरंगदैर्ध्य लगभग कितनी है ($\,nm$ में)?

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