$1.7 \times 10^{-13} \ J$ का एक फोटॉन विशेष परिस्थितियों में एक पदार्थ द्वारा अवशोषित किया जाता है। सही कथन है:

  • A
    अवशोषित पदार्थ के परमाणु के इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा अवस्थाओं में चले जाएंगे।
  • B
    इलेक्ट्रॉन और पॉज़िट्रॉन युग्म का निर्माण होगा।
  • C
    केवल पॉज़िट्रॉन उत्पन्न होगा।
  • D
    प्रकाश-विद्युत प्रभाव होगा और इलेक्ट्रॉन उत्पन्न होगा।

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एक सेंसर को $l$ दूरी पर रखे $P$ शक्ति वाले लैंप के सामने $t$ समय के लिए रखा जाता है। सेंसर का वृत्ताकार मुख $4d$ व्यास का है। यह मानते हुए कि लैंप की पूरी ऊर्जा प्रकाश के रूप में उत्सर्जित होती है,यदि प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ है,तो सेंसर में प्रवेश करने वाले फोटॉनों की संख्या क्या होगी? ($l >> d$ दिया गया है)

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$6.20 \times 10^{-5} \ cm$ तरंगदैर्ध्य वाले फोटॉन की ऊर्जा ....... $eV$ है।

$100 \ W$ शक्ति वाले एक विद्युत बल्ब द्वारा प्रति सेकंड उत्सर्जित $540 \ nm$ तरंगदैर्ध्य वाले फोटॉनों की संख्या क्या है? ($h = 6 \times 10^{-34} \ J \cdot s$ और $c = 3 \times 10^8 \ m/s$ लें)

$4400 \, \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य वाला एक फोटॉन निर्वात से गुजर रहा है। फोटॉन का प्रभावी द्रव्यमान और संवेग क्रमशः क्या हैं?

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) को किसके आधार पर समझा जा सकता है?

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