$m$ द्रव्यमान का एक उपग्रह,जो प्रारंभ में पृथ्वी पर स्थिर है,को पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊंचाई पर एक वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किया जाता है। आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा है

  • A
    $\frac{\sqrt{3}}{4} mgR$
  • B
    $\frac{1}{2} mgR$
  • C
    $\frac{1}{4} mgR$
  • D
    $\frac{3}{4} mgR$

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एक उपग्रह की गतिज ऊर्जा $K$, स्थितिज ऊर्जा $V$ और कुल ऊर्जा $E$ है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन $I:$ यदि $E$ पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे एक उपग्रह की कुल ऊर्जा है,तो इसकी स्थितिज ऊर्जा $\frac{E}{2}$ होगी।
कथन $II:$ कक्षा में घूम रहे उपग्रह की गतिज ऊर्जा कुल ऊर्जा $E$ के परिमाण की आधी के बराबर होती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

एक उपग्रह में,यदि परिक्रमण काल $T$ है,तो $KE$ किसके समानुपाती है?

$r$ त्रिज्या और $v$ चाल की वृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा एक उपग्रह अचानक अपनी कुछ ऊर्जा खो देता है। तो

$m$ द्रव्यमान का एक उपग्रह पृथ्वी (त्रिज्या $R$) की सतह से $h$ ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहा है। पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण $g_0$ के पदों में उपग्रह की कुल ऊर्जा क्या है?

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