एक सरल लोलक का आवर्तकाल $T_1$ पृथ्वी की सतह पर है और जब इसे पृथ्वी की सतह से $R$ ऊँचाई पर ले जाया जाता है तो इसका आवर्तकाल $T_2$ हो जाता है,जहाँ $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है। $T_2/T_1$ का मान है

  • A
    $1$
  • B
    $\sqrt{2}$
  • C
    $4$
  • D
    $2$

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कौन सा ग्राफ पृथ्वी के केंद्र से त्रिज्यीय दूरी $(r)$ के साथ गुरुत्वीय त्वरण $(g)$ के परिवर्तन को सही ढंग से दर्शाता है (पृथ्वी की त्रिज्या $= R_e$)?

यदि पृथ्वी की कोई घूर्णन गति न हो,तो भूमध्य रेखा पर एक व्यक्ति का भार $W$ है। पृथ्वी को अपनी धुरी पर किस गति से घूमना चाहिए ताकि भूमध्य रेखा पर व्यक्ति का भार $\frac{3}{4} W$ हो जाए? पृथ्वी की त्रिज्या $6400 \ km$ और $g = 10 \ m/s^2$ है।

पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई पर $g$ का मान $2 \%$ कम हो जाता है? [पृथ्वी की त्रिज्या $6400 \, km$ है]

पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी की सतह के मान का $1\%$ हो जाता है ($R$ में)? (पृथ्वी की त्रिज्या $= R$)

Difficult
View Solution

$Assertion$ (कथन) : मुक्त पतन में,किसी पिंड का भार प्रभावी रूप से शून्य हो जाता है।
$Reason$ (कारण) : मुक्त पतन करने वाले पिंड पर कार्य करने वाला गुरुत्वीय त्वरण शून्य होता है।

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