एक परिनालिका $0.10\,cm$ व्यास के तार से कसकर लपेटी गई है,जिसका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $\frac{1}{\pi}\,cm^2$ है और लंबाई $40\,cm$ है। यदि परिनालिका से प्रवाहित धारा $0.10\,s$ में $10\,A$ से घटकर $0\,A$ हो जाती है,तो परिनालिका के भीतर प्रेरित $emf$ .....$mV$ होगा।

  • A
    $4.8$
  • B
    $2.4$
  • C
    $1.6$
  • D
    $1.2$

Explore More

Similar Questions

जब धारा $10 \, s$ में $0$ से $1 \, A$ तक बदलती है,तो उत्पन्न $e.m.f.$ ज्ञात कीजिए,जहाँ $L = 10 \, \mu H$ दिया गया है।

$L = 2 \ mH$ के स्व-प्रेरकत्व वाली कुंडली से प्रवाहित धारा $I = t^2 e^{-t}$ है। प्रेरित विद्युत वाहक बल $(emf)$ को शून्य होने में कितना समय लगेगा ($s$ में)?

$120$ फेरों और $40 \text{ mH}$ प्रेरकत्व वाली कुंडली से प्रवाहित होने वाली धारा $30 \text{ mA}$ है। कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स है:

स्व-प्रेरण (self-induction) को समझाइए और एक कुंडली (coil) में उत्पन्न स्व-प्रेरित $emf$ के लिए समीकरण प्राप्त कीजिए।

एक एयर कोर सोलेनोइड में $1000$ फेरे हैं और इसकी लंबाई एक मीटर है। इसका अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $10 \, cm^2$ है। इसका स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) है: ($, mH$ में)

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo