हाइड्रोजन परमाणु में अपनी मूल अवस्था में एक इलेक्ट्रॉन परमाणु से बाहर निकलने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा से $2$ गुना अधिक ऊर्जा अवशोषित करता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा ............ $eV$ है।

  • A
    $13.6$
  • B
    $20.4$
  • C
    $6.8$
  • D
    $27.2$

Explore More

Similar Questions

बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य:
$(i)$ $Bohr$ मॉडल यह नहीं समझा सकता कि परमाणु अणु कैसे बनाते हैं।
$(ii)$ $Bohr$ मॉडल को ग्रहीय मॉडल (planetary model) के रूप में स्वीकार किया गया है।
$(iii)$ परमाणु में इलेक्ट्रॉन स्थिर कक्षा में गति करते समय ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन नहीं करते हैं।
$(iv)$ $Brackett$ श्रेणी की वर्णक्रमीय रेखाएँ पराबैंगनी (ultraviolet) क्षेत्र में पाई जाती हैं।

परमाणु के बोहर मॉडल में जब एक इलेक्ट्रॉन $n=1$ से $n=3$ में कूदता है,तो कितनी ऊर्जा अवशोषित होगी?

हाइड्रोजन परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन के बीच का स्थान होता है:

$He^{+}$ आयन की उत्तेजित अवस्था में उपस्थित इलेक्ट्रॉन $2.5 \ eV$ ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन के साथ टक्कर पर अलग (आयनन) हो जाता है। $He^{+}$ आयन के इस इलेक्ट्रॉन के लिए $n$ का न्यूनतम मान क्या होगा?

$H$-परमाणु के एक इलेक्ट्रॉन को मूल अवस्था (ground state) से तीसरी अवस्था में उत्तेजित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा ($eV$ में) है

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo