निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
$(a)$ उड़ान के दौरान रॉकेट का आवरण घर्षण के कारण जल जाता है। जलने के लिए आवश्यक ऊष्मा ऊर्जा किसके खर्च पर प्राप्त होती है? रॉकेट या वायुमंडल?
$(b)$ धूमकेतु सूर्य के चारों ओर अत्यधिक दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं। सूर्य के कारण धूमकेतु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल सामान्यतः धूमकेतु के वेग के लंबवत नहीं होता है। फिर भी धूमकेतु की प्रत्येक पूर्ण कक्षा पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है। क्यों?
$(c)$ पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा एक कृत्रिम उपग्रह बहुत पतले वायुमंडल में वायुमंडलीय प्रतिरोध के कारण धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा खो देता है। तो फिर जैसे-जैसे यह पृथ्वी के करीब आता है,इसकी गति क्यों बढ़ती जाती है?
$(d)$ चित्र $(i)$ में,एक व्यक्ति अपने हाथों पर $15\; kg$ का द्रव्यमान लेकर $2\; m$ चलता है। चित्र $(ii)$ में,वह अपने पीछे रस्सी खींचते हुए उतनी ही दूरी तय करता है। रस्सी एक घिरनी (pulley) के ऊपर से गुजरती है,और उसके दूसरे सिरे पर $15\; kg$ का द्रव्यमान लटका हुआ है। किस स्थिति में किया गया कार्य अधिक है?

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(D) घर्षण के कारण रॉकेट के आवरण के जलने से रॉकेट के द्रव्यमान में कमी आती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार,जलने के लिए आवश्यक ऊष्मा ऊर्जा रॉकेट की अपनी ऊर्जा (उसकी द्रव्यमान-ऊर्जा और गतिज ऊर्जा) के खर्च पर प्राप्त होती है।
$(b)$ गुरुत्वाकर्षण बल एक संरक्षी बल है। परिभाषा के अनुसार,एक संरक्षी बल द्वारा किसी बंद पथ पर किया गया कार्य शून्य होता है। चूंकि एक पूर्ण कक्षा एक बंद पथ है,इसलिए धूमकेतु पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य है।
$(c)$ जैसे-जैसे उपग्रह पृथ्वी के करीब आता है,ऊंचाई में कमी के कारण उसकी स्थितिज ऊर्जा में काफी कमी आती है। ऊर्जा संरक्षण के अनुसार,स्थितिज ऊर्जा में यह कमी गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। इसलिए,वायुमंडलीय घर्षण के कारण कुल ऊर्जा में थोड़ी कमी होने के बावजूद,उपग्रह की गति बढ़ जाती है।
$(d)$ स्थिति $(i)$ में,व्यक्ति द्वारा द्रव्यमान पर लगाया गया बल ऊपर की ओर (गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध) है,जबकि विस्थापन क्षैतिज है। चूंकि कोण $\theta = 90^{\circ}$ है,इसलिए किया गया कार्य $W = Fs \cos 90^{\circ} = 0$ है। स्थिति $(ii)$ में,व्यक्ति रस्सी खींचता है,जिससे द्रव्यमान $2\; m$ ऊपर उठता है। बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं $(\theta = 0^{\circ})$,इसलिए $W = mgs = 15 \times 9.8 \times 2 = 294\; J$। अतः,स्थिति $(ii)$ में अधिक कार्य किया जाता है।

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