(N/A) यांत्रिकी बलों और आघूर्णों (torques) के प्रभाव में कणों या निकायों की गति से संबंधित है। यह किसी निकाय की यांत्रिक स्थिति,जैसे कि उसकी स्थिति,वेग और गतिज ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करता है।
दूसरी ओर,ऊष्मागतिकी एक निकाय की आंतरिक स्थूल (macroscopic) स्थिति से संबंधित है,जिसे दबाव,आयतन और तापमान जैसे अवस्था चरों (state variables) द्वारा परिभाषित किया जाता है। यह पूरे निकाय की गति पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है।
उदाहरण के लिए,जब बंदूक से गोली चलाई जाती है,तो उसकी यांत्रिक स्थिति (गतिज ऊर्जा) बदल जाती है। हालाँकि,जब गोली लकड़ी के टुकड़े से टकराती है और रुक जाती है,तो उसकी गतिज ऊर्जा आंतरिक ऊर्जा (ऊष्मा) में परिवर्तित हो जाती है,जिससे गोली और लकड़ी दोनों का तापमान बदल जाता है।
संक्षेप में,तापमान कणों की आंतरिक,अव्यवस्थित गति की ऊर्जा से संबंधित है,जबकि यांत्रिकी पूरे निकाय की व्यवस्थित गति से संबंधित है।