कक्षक में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा मुख्य क्वांटम संख्या $(n)$ और दिगंशीय क्वांटम संख्या $(l)$ के मान पर निर्भर करती है।
नियम $I$: जिस कक्षक के लिए $(n + l)$ का मान कम होता है,उसकी ऊर्जा कम होती है।
उदाहरण: $2p$ की ऊर्जा $2s$ से अधिक है।
$2s$ के लिए: $n = 2, l = 0$,अतः $(n + l) = (2 + 0) = 2$.
$2p$ के लिए: $n = 2, l = 1$,अतः $(n + l) = (2 + 1) = 3$.
चूंकि $2 < 3$,इसलिए $2s < 2p$.
नियम $II$: यदि दो कक्षकों के लिए $(n + l)$ का मान समान हो,तो जिस कक्षक के लिए $n$ का मान कम होता है,उसकी ऊर्जा कम होती है।
उदाहरण: $3p$ कक्षक की ऊर्जा $4s$ कक्षक से कम है।
$4s$ के लिए: $n = 4, l = 0$,अतः $(n + l) = (4 + 0) = 4$.
$3p$ के लिए: $n = 3, l = 1$,अतः $(n + l) = (3 + 1) = 4$.
चूंकि $3 < 4$,इसलिए $3p < 4s$.