समझाइए कि क्लोरीन के ऑक्सोअम्लों की स्थिरता नीचे दिए गए क्रम में क्यों बढ़ती है:
$HClO < HClO_2 < HClO_3 < HClO_4$

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(N/A) ऑक्सोअम्लों की स्थिरता और अम्लीय शक्ति केंद्रीय परमाणु की ऑक्सीकरण अवस्था और संयुग्मी क्षार में ऋणात्मक आवेश के फैलाव पर निर्भर करती है।
$(i)$ जैसे-जैसे ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या बढ़ती है,क्लोरीन की ऑक्सीकरण अवस्था बढ़ती जाती है (क्रमशः $+1, +3, +5, +7$)।
$(ii)$ बनने वाला संयुग्मी क्षार,जैसे $ClO_4^-$,में ऋणात्मक आवेश अनुनाद के कारण चार ऑक्सीजन परमाणुओं पर विस्थानीकृत (delocalized) होता है,जिससे यह सबसे अधिक स्थिर हो जाता है।
$(iii)$ $HClO_4$ में,क्लोरीन की उच्च ऑक्सीकरण अवस्था और $ClO_4^-$ आयन में ऋणात्मक आवेश का प्रभावी फैलाव इसे सबसे अधिक स्थिर और प्रबल अम्ल बनाता है,जबकि $HClO$ सबसे कम स्थिर है।

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