(N/A) चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल बहुत कमजोर है,जिसके परिणामस्वरूप वहाँ का पलायन वेग (escape speed) लगभग $2.3 \ km/s$ है। चंद्रमा के सतह के तापमान पर गैस के अणुओं की वर्ग-माध्य-मूल चाल (rms speed),जो $v_{rms} = \sqrt{\frac{3 k_{B} T}{m}}$ द्वारा दी जाती है,इस पलायन वेग से अधिक होती है। परिणामस्वरूप,गैस के अणु चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाते हैं,जिससे वहाँ वायुमंडल का निर्माण नहीं हो पाता है।
$(b)$ जैसे-जैसे वायुमंडल में हवा के अणु ऊपर की ओर बढ़ते हैं,वे गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करते हैं,जिससे उनकी स्थितिज ऊर्जा बढ़ जाती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार,स्थितिज ऊर्जा में यह वृद्धि उनकी गतिज ऊर्जा में कमी लाती है। चूँकि गैस का तापमान उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा के सीधे आनुपातिक होता है $(E_k = \frac{3}{2} k_{B} T)$,इसलिए ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान कम हो जाता है।