प्रथम कोटि की अभिक्रिया की अर्ध-आयु $20 \ min$ है। अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता को $(1/10)$ भाग तक कम करने में लगा समय $\qquad$ है। ($min$ में)

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पदार्थ $A$ का अपघटन प्रथम कोटि की बलगतिकी का पालन करता है। फ्लास्क $I$ में $1 \ L$ का $1 \ M$ विलयन है और फ्लास्क $II$ में $100 \ mL$ का $0.6 \ M$ विलयन है। $8 \ hours$ के बाद फ्लास्क $I$ में $A$ की सांद्रता $0.25 \ M$ हो जाती है। फ्लास्क $II$ में $A$ की सांद्रता $0.3 \ M$ होने में कितने घंटे लगेंगे?

प्रथम कोटि की गैस-चरण अभिक्रिया $A(g) \rightarrow B(g) + C(g)$ के लिए समाकलित वेग समीकरण इस प्रकार है (जहाँ $P_i$ प्रारंभिक दाब है और $P_t$ समय $t$ पर कुल दाब है):

प्रथम कोटि की अभिक्रिया $C_2H_4O_{(g)} \to CH_{4(g)} + CO_{(g)}$ के लिए अर्ध-आयु काल की गणना करें,यदि $C_2H_4O_{(g)}$ का प्रारंभिक दाब $80 \ mm$ है और $20 \ minutes$ के अंत में कुल दाब $120 \ mm$ है। ($min$ में)

यदि प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्ध-आयु काल $138.6 \ minutes$ है,तो अभिक्रिया के लिए क्षय स्थिरांक का मान क्या होगा?

निम्नलिखित में से कौन प्रथम कोटि की अभिक्रिया का उदाहरण है?

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