यदि यंग के द्वि-स्लिट प्रयोग में पर्दे को स्लिट के तल से दूर ले जाया जाता है,तो

  • A
    फ्रिंज का कोणीय पृथक्करण बढ़ता है
  • B
    फ्रिंज का कोणीय पृथक्करण घटता है
  • C
    फ्रिंज का रैखिक पृथक्करण बढ़ता है
  • D
    फ्रिंज का रैखिक पृथक्करण घटता है

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यंग के द्वि-स्लिट प्रयोग में,एक बिंदु पर तीव्रता अधिकतम तीव्रता की $1/4$ है। इस बिंदु की कोणीय स्थिति क्या है?

लेजर प्रकाश $(630 \, nm)$ स्लिट्स के एक जोड़े पर आपतित होने पर एक व्यतिकरण पैटर्न उत्पन्न करता है जिसमें चमकीली फ्रिंज $8.3 \, mm$ से अलग होती हैं। एक दूसरा प्रकाश एक व्यतिकरण पैटर्न उत्पन्न करता है जिसमें चमकीली फ्रिंज $7.6 \, mm$ से अलग होती हैं। इस दूसरे प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $nm$ में क्या है?

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कथन: यंग के प्रयोग में,अदीप्त फ्रिंजों (dark fringes) की फ्रिंज चौड़ाई दीप्त फ्रिंजों (bright fringes) की फ्रिंज चौड़ाई से भिन्न होती है।
कारण: यंग के द्वि-स्लिट प्रयोग में,यदि फ्रिंजें श्वेत प्रकाश के स्रोत के साथ प्राप्त की जाती हैं,तो केवल काली और दीप्त फ्रिंजें ही दिखाई देती हैं।

यंग के द्वि-झिरी (double-slit) प्रयोग में,यदि झिरी और पर्दे के बीच की दूरी बढ़ाई जाती है,तो फ्रिंज की चौड़ाई:

यंग के द्वि-स्लिट प्रयोग में,दीप्त और अदीप्त फ्रिंजों की तीव्रताओं का अनुपात $9$ है। इसका अर्थ है कि

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