(N/A) $CB$ को बिंदु $D$ तक इस प्रकार बढ़ाइए कि $BC = BD$ हो और $AD$ को मिलाइए।
$\Delta ABC$ और $\Delta ABD$ में:
$BC = BD$ (रचना से)
$AB = AB$ (उभयनिष्ठ भुजा)
$\angle ABC = \angle ABD = 90^{\circ}$ (दिया है और रचना से)
अतः,$SAS$ सर्वांगसमता नियम से $\Delta ABC \cong \Delta ABD$ है।
इसलिए,$CPCT$ से $\angle CAB = \angle DAB$ है। माना $\angle BAC = x$,तो $\angle CAB = x$ और $\angle DAB = x$ है।
इस प्रकार,$\angle CAD = \angle CAB + \angle BAD = x + x = 2x$ है।
चूँकि $\angle BCA = 2 \angle BAC$ है,और $\angle BAC = x$ है,तो $\angle BCA = 2x$ है।
$\Delta ACD$ में,$\angle CAD = 2x$ और $\angle ACD = 2x$ है।
चूँकि दो कोण बराबर हैं,इसलिए उनके सम्मुख भुजाएँ बराबर होंगी,अतः $AC = CD$ है।
साथ ही,चूँकि $\Delta ABC \cong \Delta ABD$ है,इसलिए $CPCT$ से $AC = AD$ है।
अतः,$\angle ADC = \angle ACD = 2x$ है।
चूँकि $\Delta ACD$ के तीनों कोण $60^{\circ}$ हैं $(2x + 2x + 2x = 180^{\circ} \implies x = 30^{\circ})$,इसलिए $\Delta ACD$ एक समबाहु त्रिभुज है।
अतः,$AC = CD = AD$ है।
चूँकि $CD = BC + BD$ और $BC = BD$ है,इसलिए $CD = BC + BC = 2BC$ है।
अतः,$AC = 2BC$ सिद्ध होता है।