एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में,आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने पर :

  • A
    आपतित फोटॉनों की संख्या बढ़ती है और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की $K.E.$ भी बढ़ती है
  • B
    आपतित फोटॉनों की आवृत्ति बढ़ती है और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की $K.E.$ बढ़ती है
  • C
    आपतित फोटॉनों की आवृत्ति बढ़ती है और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की $K.E.$ अपरिवर्तित रहती है
  • D
    आपतित फोटॉनों की संख्या बढ़ती है और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की $K.E.$ अपरिवर्तित रहती है

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सीज़ियम $(Cs)$, पोटैशियम $(K)$ और सोडियम $(Na)$ के कार्य फलन (work functions) क्रमशः $2.14\,eV$, $2.30\,eV$ और $2.75\,eV$ हैं। यदि आपतित विद्युत चुम्बकीय विकिरण की ऊर्जा $2.20\,eV$ है, तो इनमें से कौन सी प्रकाश-संवेदी सतह फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित कर सकती है?

एक धातु के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) $10^{15} \ Hz$ है। जब $4000 \ \mathring A$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उस पर आपतित होता है,तो सही कथन चुनें।

कथन : प्रकाश-संवेदी सतह द्वारा उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आपतित फोटॉन की तीव्रता पर निर्भर करती है।
कारण : धात्विक सतह से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन देहली आवृत्ति से कम आवृत्ति वाले आपतित फोटॉन के साथ संभव है।

$4560 \ \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य का $1 \ mW$ प्रकाश $1.9 \ eV$ कार्य फलन वाली सीज़ियम सतह पर आपतित होता है। यदि प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन की क्वांटम दक्षता $0.5\%$ है,प्लांक नियतांक $h = 6.62 \times 10^{-34} \ J \cdot s$ और प्रकाश का वेग $c = 3 \times 10^8 \ m/s$ है,तो संबंधित प्रकाश-विद्युत धारा ज्ञात कीजिए।

Difficult
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प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) की घटना क्या है?

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