प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के एक प्रयोग में,निरोधी विभव (stopping potential):

  • A
    आपतित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य में वृद्धि के साथ बढ़ता है
  • B
    आपतित प्रकाश की तीव्रता में वृद्धि के साथ बढ़ता है
  • C
    उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का $\left(\frac{1}{e}\right)$ गुना होता है
  • D
    आपतित प्रकाश की तीव्रता में वृद्धि के साथ घटता है

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एक मोनोक्रोमैटिक प्रकाश तरंग से जुड़ा विद्युत क्षेत्र $E = E_0 \sin \left[ \left( 1.57 \times 10^7 \text{ m}^{-1} \right) (x - ct) \right]$ द्वारा दिया गया है। जब इस प्रकाश का उपयोग $1.9 \text{ eV}$ कार्य फलन वाली धातु के साथ एक फोटोइलेक्ट्रिक प्रयोग में किया जाता है,तो स्टॉपिंग पोटेंशियल क्या होगा ($\text{ V}$ में)? (प्लांक नियतांक,$h = 6.64 \times 10^{-34} \text{ J-s}$)

$\lambda$ तरंगदैर्ध्य का एक प्रकाश स्रोत एक धातु की सतह को प्रकाशित करता है और $2 \ \text{eV}$ की अधिकतम गतिज ऊर्जा के साथ इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। यदि उसी सतह को $\frac{\lambda}{2}$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश स्रोत से प्रकाशित किया जाए, तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी ($\text{eV}$ में)? (धातु का कार्य फलन $1 \ \text{eV}$ है।)

एक धातु का कार्य फलन (work function) $2.51 \ eV$ है। इसकी देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या होगी?

धातु की सतह से उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग $1.2 \times 10^6 \ m/s$ है। यदि इलेक्ट्रॉन का विशिष्ट आवेश $1.8 \times 10^{11} \ C/kg$ है,तो वोल्ट में निरोधी विभव (stopping potential) का मान क्या होगा?

जब $\lambda_1$ और $\lambda_2$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक धात्विक सतह पर आपतित होता है, तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमशः $K_1$ और $K_2$ है। यदि $\lambda_1 = 3\lambda_2$ है, तो

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