इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया में,नाइट्रो समूह मेटा-निर्देशकारी होता है क्योंकि यह

  • A
    ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम करता है
  • B
    मेटा स्थिति पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम करता है
  • C
    मेटा स्थिति पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ाता है
  • D
    ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ाता है

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बेंजीन के इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन (electrophilic substitution) के विभिन्न चरण क्या हैं?

बेंजीन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
$(i)$ यह $O_3$ के साथ ट्राइओजोनाइड बनाता है।
$(ii)$ यह असमतलीय (non-planar) है।
$(iii)$ यह निर्जलीय $AlCl_3$ की उपस्थिति में $CH_3COCl$ के साथ केवल एक मोनोप्रतिस्थापित उत्पाद बनाता है।
$(iv)$ यह फोटोकैमिकल स्थितियों के तहत $Cl_2$ के साथ गर्म करने पर हेक्साक्लोरोबेंजीन बनाता है।

यदि $p$-मेथॉक्सिटोल्यूइन का नाइट्रीकरण किया जाता है,तो मुख्य उत्पाद क्या है?

साइक्लोहेक्सिन की हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी $-119.5 \ kJ \ mol^{-1}$ है। यदि बेंजीन की अनुनाद ऊर्जा (resonance energy) $-150.4 \ kJ \ mol^{-1}$ है,तो इसकी हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी $...... \ kJ \ mol^{-1}$ होगी।

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