एक परिनालिका (solenoid) के स्व-प्रेरकत्व (self-induction) को किसके द्वारा नहीं बढ़ाया जा सकता है?

  • A
    इसकी लंबाई घटाकर
  • B
    इसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल बढ़ाकर
  • C
    इसमें प्रवाहित धारा को बढ़ाकर
  • D
    इसमें फेरों (turns) की संख्या बढ़ाकर

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एक कुंडली (coil) में धारा $4 \, A$ से बदलकर $0.1 \, s$ में $0 \, A$ हो जाती है। यदि औसत प्रेरित $e.m.f.$ $100 \, V$ है,तो कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) $H$ में क्या है?

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$400$ फेरों वाली एक कुण्डली का प्रेरकत्व $8 \, mH$ है। इसमें से $5 \, mA$ की धारा प्रवाहित की जाती है। कुण्डली के प्रत्येक फेरे से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स है

प्रेरकत्व $(inductance)$ का $SI$ मात्रक,हेनरी,को किस रूप में नहीं लिखा जा सकता है?

जब एक कुंडली में धारा $0.8 \,s$ में एक दिशा में $10 \,A$ से विपरीत दिशा में $10 \,A$ तक बदल जाती है,तो उसमें $0.5 \,V$ का औसत प्रेरित emf उत्पन्न होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) है: ($\,mH$ में)

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