(N/A) एल्किल हैलाइड में प्रतिस्थापन और विलोपन अभिक्रियाओं के बीच प्रतिस्पर्धा कुछ संरचनात्मक और अभिक्रिया स्थितियों पर निर्भर करती है:
$1$. एल्किल हैलाइड की प्रकृति: प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड कम त्रिविम बाधा (steric hindrance) के कारण प्रतिस्थापन $(S_N2)$ को प्राथमिकता देते हैं। तृतीयक $(3^{\circ})$ एल्किल हैलाइड उच्च त्रिविम बाधा के कारण विलोपन $(E2)$ को प्राथमिकता देते हैं।
$2$. क्षार की प्रकृति: प्रबल और बड़े आकार के क्षार विलोपन अभिक्रिया को बढ़ावा देते हैं,जबकि दुर्बल क्षार प्रतिस्थापन को बढ़ावा देते हैं।
$3$. तापमान: उच्च तापमान आमतौर पर विलोपन अभिक्रिया के लिए अनुकूल होता है।
उदाहरण:
- प्रतिस्थापन: $CH_3CH_2Cl + KOH(aq) \rightarrow CH_3CH_2OH + KCl$.
- विलोपन: $CH_3CH_2Cl + KOH(alc) \rightarrow CH_2=CH_2 + KCl + H_2O$.