ड्यूटेरॉन $_1^2H$ की बंधन ऊर्जा $1.112 \, MeV$ प्रति न्यूक्लियॉन है और एक $\alpha$-कण $_2^4He$ की बंधन ऊर्जा $7.047 \, MeV$ प्रति न्यूक्लियॉन है। तो संलयन अभिक्रिया $_1^2H + _1^2H \to _2^4He + Q$ में मुक्त ऊर्जा $Q$ ........ $MeV$ है।

  • A
    $1$
  • B
    $11.9$
  • C
    $23.8$
  • D
    $931$

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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

निम्नलिखित में से सही कथनों का चयन करें:
$I$. $\beta$-क्षय के दौरान इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन हमेशा न्यूट्रिनो के साथ होता है।
$II$. नाभिकीय बल आवेश से स्वतंत्र होता है।
$III$. संलयन (Fusion) तारकीय ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।

एक परमाणु रिएक्टर $300 \, MW$ की शक्ति प्रदान करता है। यदि एक यूरेनियम ${U^{235}}$ नाभिक के विखंडन से $170 \, MeV$ ऊर्जा मुक्त होती है,तो $1 \, h$ में कितने नाभिकों का विखंडन होगा?

Difficult
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निम्नलिखित में से कौन सा सही नहीं है?

निम्नलिखित कथनों $A$ और $B$ पर विचार करें। दिए गए उत्तर में सही विकल्प की पहचान करें।
$A$. न्यूक्लियॉन के बीच $p-n, p-p$ और $n-n$ बल समान नहीं हैं और आवेश पर निर्भर हैं।
$B$. परमाणु रिएक्टर में, यदि न्यूट्रॉन पुनरुत्पादन कारक $k > 1$ है, तो विखंडन अभिक्रिया त्वरित अवस्था में होगी।

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