एक धात्विक सतह के लिए देहली आवृत्ति $6.2 \ eV$ की ऊर्जा के अनुरूप है और इस सतह पर आपतित विकिरण के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $5 \ V$ है। आपतित विकिरण किस क्षेत्र में स्थित है?

  • A
    अवरक्त (infra-red) क्षेत्र
  • B
    $X$-किरण क्षेत्र
  • C
    पराबैंगनी (ultra-violet) क्षेत्र
  • D
    दृश्य क्षेत्र

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$6 eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन एक धातु की सतह पर आपतित होते हैं, जिसका कार्य फलन (work function) $4 eV$ है। उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की न्यूनतम गतिज ऊर्जा ........... $eV$ होगी।

आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार,धातु से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा और आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच खींचा गया ग्राफ एक सीधी रेखा देता है,जिसका ढाल (slope):

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) में,यदि प्रकाश की तीव्रता (intensity) को दोगुना कर दिया जाए,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा (maximum kinetic energy) कितनी हो जाएगी?

$\nu_0$ देहली आवृत्ति वाली धातु की सतह पर $4\nu_0$ आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है। उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या है?

धातु की सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग $V$ है। फोटोइलेक्ट्रॉन का आवेश और द्रव्यमान क्रमशः $e$ और $m$ द्वारा दर्शाया गया है। वोल्ट में निरोधी विभव (stopping potential) है:

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