(A) श्रेणी संयोजन में,तुल्यांकी प्रतिरोध $R_{s} = R_{1} + R_{2}$ व्यक्तिगत प्रतिरोधों से अधिक होता है। समांतर संयोजन में,तुल्यांकी प्रतिरोध $R_{p} = (R_{1}R_{2}) / (R_{1} + R_{2})$ व्यक्तिगत प्रतिरोधों से कम होता है।
$1$. $V-I$ ग्राफ के लिए (ऊपर वाला): ग्राफ का ढाल प्रतिरोध $(R = V/I)$ को दर्शाता है। चूंकि $R_{s} > R_{p}$,'श्रेणी' के लिए रेखा का ढाल 'समांतर' के लिए रेखा से अधिक होना चाहिए। अतः,ऊपर वाला ग्राफ सही ढंग से लेबल किया गया है।
$2$. $I-V$ ग्राफ के लिए (नीचे वाला): ग्राफ का ढाल चालकता $(1/R = I/V)$ को दर्शाता है। चूंकि $R_{s} > R_{p}$,समांतर संयोजन की चालकता $(1/R_{p})$,श्रेणी संयोजन की चालकता $(1/R_{s})$ से अधिक होती है। इसलिए,'समांतर' के लिए रेखा का ढाल 'श्रेणी' के लिए रेखा से अधिक होना चाहिए। अतः,नीचे वाला ग्राफ भी सही ढंग से लेबल किया गया है।
निष्कर्ष: दोनों ग्राफ सही ढंग से लेबल किए गए हैं।