जब विभवांतर लागू किया जाता है,तो प्रवाहित होने वाली धारा:

  • A
    $0 \ K$ पर एक कुचालक के लिए शून्य होती है।
  • B
    $0 \ K$ पर एक अर्धचालक के लिए शून्य होती है।
  • C
    $300 \ K$ पर एक $P-N$ डायोड के लिए परिमित (finite) होती है,यदि वह रिवर्स बायस में हो।
  • D
    उपरोक्त सभी।

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$LED$ की $I-V$ अभिलक्षण (characteristic) क्या है?

निम्नलिखित में से किस स्थिति में जंक्शन डायोड रिवर्स बायस में नहीं है?

$Ge$ और $Si$ डायोड क्रमशः $0.3 \, V$ और $0.7 \, V$ पर चालन करते हैं। निम्नलिखित आकृति में,यदि $Ge$ डायोड का कनेक्शन उलट दिया जाए,तो $V_0$ का मान कितने वोल्ट से बदल जाता है?

सिग्नल $A, B$ और $C$ में समय के साथ होने वाले परिवर्तन नीचे दिखाए गए हैं। सही कथन चुनें।

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन $(A)$: अग्र अभिनत (forward biased) स्थिति में एक आदर्श डायोड का प्रतिरोध शून्य होता है।
कथन $(B)$: एक हाफ-वेव रेक्टिफायर में,लोड करंट इनपुट संकेतों के केवल प्रत्येक आधे चक्र के लिए प्रवाहित होता है।
कथन $(C)$: ब्रेकडाउन क्षेत्र में,एक ज़ेनर डायोड एक स्थिर वोल्टेज स्रोत के रूप में कार्य करता है।

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