जब किसी कुंडली (coil) की लंबाई में बिना किसी परिवर्तन के उसमें फेरों (turns) की संख्या को दोगुना कर दिया जाता है,तो उसका स्व-प्रेरकत्व (self-inductance)

  • A
    $4$ गुना हो जाता है।
  • B
    $2$ गुना हो जाता है।
  • C
    आधा हो जाता है।
  • D
    अपरिवर्तित रहता है।

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जब एक कुंडली में धारा $0.3 \ s$ के समय में $2 \ A$ से बदलकर $5 \ A$ हो जाती है,यदि कुंडली में प्रेरित emf $40 \ mV$ है,तो कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self inductance) क्या है?

$Cu$ तार की एक कुंडली (त्रिज्या $r$,स्व-प्रेरकत्व $L$) को मोड़कर दो संकेंद्रित फेरे बनाए जाते हैं,जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या $r/2$ है। नया स्व-प्रेरकत्व क्या होगा?

एक चोक कुंडली से प्रवाहित धारा $0.3 \ s$ में शून्य से बढ़कर $6 \ A$ हो जाती है और $30 \ V$ का प्रेरित $e.m.f.$ उत्पन्न होता है। चोक कुंडली का प्रेरकत्व (inductance) ....... $H$ है।

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जब $100$ फेरों वाली एक कुंडली से $2 \ A$ की धारा प्रवाहित की जाती है,तो इससे संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स $5 \times 10^{-5} \ Wb$ होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व ज्ञात कीजिए।

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