(N/A) परंपरा के अनुसार,मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड $(SHE)$,जिसे $Pt_{(s)} | H_{2_{(g)}} (1 \ bar) | H^{+}_{(aq)} (1 \ M)$ द्वारा दर्शाया जाता है,को सभी तापमानों पर शून्य विभव (potential) दिया गया है।
हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड की बनावट:
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड में प्लैटिनम ब्लैक की परत वाला एक प्लैटिनम इलेक्ट्रोड होता है। इलेक्ट्रोड को एक अम्लीय घोल में डुबोया जाता है और इसमें से $1 \ bar$ दबाव पर शुद्ध हाइड्रोजन गैस प्रवाहित की जाती है।
घोल में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता $1 \ M$ बनाए रखी जाती है।
अर्ध-सेल अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं:
ऑक्सीकरण: $\frac{1}{2} H_{2_{(g)}} \longrightarrow H^{+}_{(aq)} + e^{-}$
अपचयन (रिडक्शन): $H^{+}_{(aq)} + e^{-} \longrightarrow \frac{1}{2} H_{2_{(g)}}$
उपयोग:
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का उपयोग किसी भी अन्य अर्ध-सेल के इलेक्ट्रोड विभव को मापने के लिए संदर्भ इलेक्ट्रोड के रूप में किया जाता है। $SHE$ और किसी अन्य इलेक्ट्रोड के साथ एक गैल्वेनिक सेल बनाकर,$298 \ K$ तापमान पर प्राप्त सेल विभव सीधे उस अर्ध-सेल का विभव होता है,क्योंकि $SHE$ का विभव शून्य माना जाता है।