(N/A) कैनिज़ारो अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमें $\alpha-$हाइड्रोजन रहित एल्डिहाइड के दो अणुओं को प्रबल क्षार के साथ गर्म किया जाता है। इसमें स्व-ऑक्सीकरण और अपचयन (विषमानुपातन) होता है,जिससे एक अणु का अपचयन होकर अल्कोहल बनता है और दूसरे अणु का ऑक्सीकरण होकर कार्बोक्सिलिक अम्ल का लवण बनता है।
$(a)$ फॉर्मेल्डिहाइड की कैनिज़ारो अभिक्रिया:
फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ के दो अणु सांद्र $KOH$ के साथ गर्म करने पर मेथनॉल $(CH_3OH)$ और पोटेशियम फॉर्मेट $(HCOOK)$ देते हैं।
$(b)$ बेंजल्डिहाइड की कैनिज़ारो अभिक्रिया:
बेंजल्डिहाइड में $\alpha-$हाइड्रोजन अनुपस्थित होता है। सांद्र $NaOH$ के साथ गर्म करने पर यह कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है,जिसमें बेंजल्डिहाइड का एक अणु अपचयित होकर बेंजाइल अल्कोहल $(C_6H_5CH_2OH)$ बनाता है और दूसरा अणु ऑक्सीकृत होकर सोडियम बेंजोएट $(C_6H_5COONa)$ बनाता है।