(N/A) $\Rightarrow$ सूक्ष्मपोषकों की आवश्यकता हमेशा कम मात्रा में होती है।
$-\quad$ उनकी मध्यम कमी से न्यूनता के लक्षण उत्पन्न होते हैं।
$\Rightarrow$ उनकी मध्यम वृद्धि विषाक्तता का कारण बनती है।
$\Rightarrow$ ऊतकों में खनिज आयन की कोई भी सांद्रता जो ऊतकों के शुष्क भार को लगभग $10\%$ तक कम कर देती है,उसे विषाक्त माना जाता है।
$\Rightarrow$ ऐसी क्रांतिक सांद्रता विभिन्न सूक्ष्मपोषकों के बीच व्यापक रूप से भिन्न होती है।
$\Rightarrow$ विषाक्तता के लक्षणों की पहचान करना अक्सर कठिन होता है।
$\Rightarrow$ किसी भी तत्व के लिए विषाक्तता का स्तर अलग-अलग पौधों के लिए भी भिन्न होता है।
$\Rightarrow$ कई बार,एक तत्व की अधिकता दूसरे तत्व के अवशोषण को बाधित कर सकती है।
$\Rightarrow$ उदाहरण: मैंगनीज $(Mn)$ की विषाक्तता:
$\Rightarrow$ क्लोरोटिक शिराओं से घिरे हुए भूरे धब्बों का दिखाई देना।
$\Rightarrow$ मैंगनीज एंजाइमों के साथ जुड़ने के लिए आयरन $(Fe)$ और मैग्नीशियम $(Mg)$ के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।
$\Rightarrow$ मैंगनीज प्ररोह शीर्ष (shoot apex) में कैल्शियम $(Ca)$ के स्थानांतरण को रोकता है।
$\Rightarrow$ इसलिए,मैंगनीज की अधिकता वास्तव में आयरन,मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी को प्रेरित कर सकती है।
$\Rightarrow$ इस प्रकार,जो मैंगनीज विषाक्तता के लक्षणों के रूप में दिखाई देता है,वह वास्तव में आयरन,मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी के लक्षण हो सकते हैं।