एक लोलक पृथ्वी की सतह पर $n$ आवृत्ति के साथ दोलन कर रहा है। यदि इसे पृथ्वी की सतह से $d = R/3$ गहराई पर ले जाया जाए,तो दोलन की नई आवृत्ति क्या होगी? ($R$ पृथ्वी की त्रिज्या है)

  • A
    $\sqrt{2/3} n$
  • B
    $\sqrt{3/2} n$
  • C
    $\sqrt{1/3} n$
  • D
    $\sqrt{1/2} n$

Explore More

Similar Questions

यह मानते हुए कि पृथ्वी का घनत्व स्थिर है, कौन सा ग्राफ पृथ्वी के केंद्र से दूरी $(r)$ के साथ गुरुत्वीय त्वरण $(g)$ के परिवर्तन को सही ढंग से दर्शाता है? (पृथ्वी की त्रिज्या $= R$)

गुरुत्वाकर्षण बल सबसे कम कहाँ होता है?

एक ग्रह का द्रव्यमान और व्यास पृथ्वी के संबंधित मानों से तीन गुना है। पृथ्वी पर एक सरल लोलक का दोलन काल $2 \ s$ है। उसी लोलक का ग्रह पर दोलन काल क्या होगा?

कथन $(A)$: पृथ्वी के व्यास के अनुदिश बने एक छेद में एक सिरे से दूसरे सिरे तक गिराया गया $m$ द्रव्यमान का कण सरल आवर्त गति करता है।
कारण $(R)$: किन्हीं दो कणों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

यदि दो ग्रहों की त्रिज्याओं का अनुपात $x: y$ और घनत्व का अनुपात $m: n$ है,तो उन पर गुरुत्वीय त्वरण का अनुपात क्या होगा?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo