$10.5 \ eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन का एक पुंज एक धातु की प्लेट पर आपतित होता है। फोटोइलेक्ट्रॉन $1.6 \times 10^6 \ m \ s^{-1}$ के अधिकतम वेग के साथ उत्सर्जित होते हैं। धातु का कार्य फलन (work function) क्या है ($eV$ में)? (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $= 9 \times 10^{-31} \ kg$ और इलेक्ट्रॉन का आवेश $= 1.6 \times 10^{-19} \ C$ लें)।

  • A
    $3.0$
  • B
    $3.1$
  • C
    $3.3$
  • D
    $3.5$

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धातुओं $A, B$ और $C$ के कार्य फलन (work function) क्रमशः $1.92 eV, 2.0 eV$ और $5 eV$ हैं। आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार,$4100 \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण के लिए कौन सी धातुएं प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन करेंगी?

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) का अध्ययन किसे समझने में उपयोगी है?

सोडियम और तांबे के कार्य फलन (work functions) क्रमशः $2.3 \ eV$ और $4.5 \ eV$ हैं। तो उनकी देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelengths) का अनुपात किसके निकटतम है?

एक फोटो-एमिसिव पदार्थ को $\lambda_i$ तरंगदैर्ध्य के विकिरण से प्रकाशित किया जाता है ताकि वह $\lambda_e$ डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य वाले इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करे। विकिरण की सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य जो फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित कर सकती है, वह $\lambda_0$ है। डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda_e$ के लिए व्यंजक क्या है? ($m = \text{इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान}$, $h = \text{प्लांक नियतांक}$, $c = \text{प्रकाश की गति}$):

एक धातु का कार्य फलन (work function) $2.3 \text{ eV}$ है और जब इस पर एक फोटॉन आपतित होता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $0.3 \text{ eV}$ होती है। आपतित फोटॉन की तरंगदैर्घ्य $\mathring A$ में ज्ञात कीजिए।

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