एक रेडियोधर्मी पदार्थ दो कणों के एक साथ उत्सर्जन द्वारा क्षयित होता है,जिनके अर्ध-आयु क्रमशः $1620$ वर्ष और $810$ वर्ष हैं। वह समय (वर्षों में) जिसके बाद पदार्थ का एक-चौथाई भाग शेष रहता है,है:

  • A
    $1080$
  • B
    $2430$
  • C
    $3240$
  • D
    $4860$

Explore More

Similar Questions

यदि $20 \, g$ रेडियोधर्मी पदार्थ रेडियोधर्मी क्षय के कारण $4 \, \text{मिनट}$ में $10 \, g$ हो जाता है, तो उसी पदार्थ का $80 \, g$ द्रव्यमान कितने समय में $10 \, g$ हो जाएगा?

एक रेडियोधर्मी पदार्थ की अर्ध-आयु $30$ मिनट है। उसी रेडियोधर्मी पदार्थ के $40\%$ क्षय और $85\%$ क्षय के बीच लगा समय (मिनटों में) है

एक रेडियोधर्मी नाभिक $A$ जिसकी अर्ध-आयु $T$ है,नाभिक $B$ में क्षयित होता है। $t = 0$ पर,कोई नाभिक $B$ नहीं है। किसी समय $t$ पर,$B$ और $A$ की संख्या का अनुपात $0.3$ है। तब,$t$ का मान है

$40 \, days$ के बाद,एक रेडियोधर्मी तत्व का $1/16$ वां भाग अविघटित रहता है। इसकी अर्ध-आयु क्या है ($, days$ में)?

दो रेडियोधर्मी न्यूक्लाइड्स,$X$ और $Y$ के नमूनों की $t = 0$ समय पर समान सक्रियता (activity) $A_0$ है। $X$ की अर्ध-आयु $24$ वर्ष है और $Y$ की अर्ध-आयु $16$ वर्ष है। नमूनों को एक साथ मिलाया जाता है। $t = 48$ वर्ष पर मिश्रण की कुल सक्रियता क्या होगी?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo