(N/A) मान लीजिए कि $A$ और $B$ पर अभिलंब $P$ पर मिलते हैं।
चूंकि दर्पण एक-दूसरे के लंबवत हैं,इसलिए $BP \parallel OA$ और $AP \parallel OB$ है।
अतः,$BP \perp PA$,अर्थात $\angle BPA = 90^{\circ}$ है।
$\triangle BPA$ में,कोण योग गुणधर्म के अनुसार:
$\angle 2 + \angle 3 + \angle BPA = 180^{\circ}$
$\angle 2 + \angle 3 + 90^{\circ} = 180^{\circ}$
$\angle 2 + \angle 3 = 90^{\circ} ......(1)$
परावर्तन के नियमों के अनुसार,आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है:
$\angle 1 = \angle 2$ और $\angle 3 = \angle 4$
इन मानों को $(1)$ में प्रतिस्थापित करने पर:
$\angle 1 + \angle 4 = 90^{\circ} ......(2)$
अब,कोणों $\angle CAB$ और $\angle DBA$ के योग पर विचार करें:
$\angle CAB + \angle DBA = (\angle 1 + \angle 2) + (\angle 3 + \angle 4)$
$= 2\angle 2 + 2\angle 3 = 2(\angle 2 + \angle 3)$
$= 2(90^{\circ}) = 180^{\circ}$
चूंकि तिर्यक रेखा $AB$ के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ है,इसलिए रेखाएं $CA$ और $BD$ समांतर होनी चाहिए।
अतः,$CA \parallel BD$।