प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के प्रयोग में यदि प्रकाश की आवृत्ति को दोगुना कर दिया जाए,तो निरोधी विभव (stopping potential) होगा

  • A
    आधा हो जाएगा
  • B
    दोगुने से अधिक हो जाएगा
  • C
    दोगुने से कम हो जाएगा
  • D
    दोगुना हो जाएगा

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फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा कैसे बदलती है?

जब $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का विकिरण एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल पर आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग $\upsilon$ है। यदि आपतित विकिरण की तरंगदैर्ध्य को बदलकर $3\lambda / 4$ कर दिया जाए,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग .......... होगा।

Difficult
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एक धातु की सतह को क्रमशः $E_{1} = 4 \ eV$ और $E_{2} = 2.5 \ eV$ ऊर्जा वाले फोटॉनों से बारी-बारी से प्रकाशित किया जाता है। दोनों स्थितियों में उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गति का अनुपात $2$ है। धातु का कार्य फलन (work function) $eV$ में है:

फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा केवल किस पर निर्भर करती है?

यदि आपतित विकिरण की तरंगदैर्ध्य क्रमशः $2500 \ \mathring A$ और $5000 \ \mathring A$ है और धातु की सतह का कार्य फलन $2 \ eV$ है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों के लिए निरोधी विभव (stopping potential) का अनुमानित अनुपात ज्ञात कीजिए। ($:1$ में)

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