वृत्ताकार कक्षा में स्थित उपग्रह के लिए कॉलम $-I$ को कॉलम $-II$ से सुमेलित कीजिए:
कॉलम $-I$कॉलम $-II$
$(A)$ गतिज ऊर्जा$(p)$ $-\frac{GM_Em}{2r}$
$(B)$ स्थितिज ऊर्जा$(q)$ $\sqrt{\frac{GM_E}{r}}$
$(C)$ कुल ऊर्जा$(r)$ $-\frac{GM_Em}{r}$
$(D)$ कक्षीय वेग$(s)$ $\frac{GM_Em}{2r}$

(जहाँ $M_E$ पृथ्वी का द्रव्यमान है,$m$ उपग्रह का द्रव्यमान है और $r$ कक्षा की त्रिज्या है)

  • A
    $A-r, B-s, C-q, D-p$
  • B
    $A-q, B-p, C-r, D-s$
  • C
    $A-p, B-q, C-s, D-r$
  • D
    $A-s, B-r, C-p, D-q$

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प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा करता है। निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
$A.$ ग्रह पर कार्य करने वाला बल सूर्य से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
$B.$ ग्रह पर कार्य करने वाला बल ग्रह और सूर्य के द्रव्यमानों के गुणनफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
$C.$ ग्रह पर कार्य करने वाला अभिकेंद्री बल सूर्य से दूर की दिशा में होता है।
$D.$ ग्रह के परिक्रमण काल का वर्ग दीर्घवृत्ताकार कक्षा की अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन के समानुपाती होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

$M$ और $5M$ द्रव्यमान तथा $R$ और $2R$ त्रिज्या वाले दो गोलाकार पिंडों को मुक्त आकाश में उनके केंद्रों के बीच $12R$ की प्रारंभिक दूरी के साथ छोड़ा जाता है। यदि वे केवल गुरुत्वाकर्षण बल के कारण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं,तो टक्कर से पहले छोटे पिंड द्वारा तय की गई दूरी क्या है ($R$ में)?

यदि कोई व्यक्ति स्प्रिंग बैलेंस और उससे लटकी हुई वस्तु लेकर हवाई जहाज में ऊपर की ओर जाता है,तो स्प्रिंग बैलेंस द्वारा दर्शाया गया वस्तु का वजन

मुक्त आकाश में $\rho(r)$ द्रव्यमान घनत्व वाले एक गोलाकार गैसीय बादल पर विचार करें,जहाँ $r$ इसके केंद्र से त्रिज्यीय दूरी है। गैसीय बादल समान द्रव्यमान $m$ के कणों से बना है जो समान गतिज ऊर्जा $K$ के साथ सामान्य केंद्र के चारों ओर वृत्ताकार कक्षाओं में घूम रहे हैं। कणों पर कार्य करने वाला बल उनका पारस्परिक गुरुत्वाकर्षण बल है। यदि $\rho(r)$ समय के साथ स्थिर है,तो कण संख्या घनत्व $n(r) = \rho(r) / m$ क्या होगा?
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$100 \, kg$ द्रव्यमान वाले तीन समान कण $A, B$ और $C$ को एक सीधी रेखा में $AB = BC = 13 \, m$ पर रखा गया है। जब $AC$ रेखा के लंब समद्विभाजक पर कण $B$ से $13 \, m$ की दूरी पर समान द्रव्यमान का चौथा कण $P$ रखा जाता है,तो उस पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल $F$ है। $F$ का मान लगभग $....G$ होगा।

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