हाइड्रोजन की $H_\beta$ और $H_{\infty}$ रेखाओं की आवृत्तियों के बराबर आवृत्तियों वाले फोटॉन एक प्रकाश-संवेदी प्लेट पर आपतित होते हैं,जिसकी देहली आवृत्ति हाइड्रोजन की $H_\alpha$ रेखा की आवृत्ति के बराबर है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात है

  • A
    $7$ : $16$
  • B
    $3$ : $4$
  • C
    $8$ : $27$
  • D
    $5$ : $36$

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एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में $310 \,nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग किया जाता है। प्रयोग में $2.5 \,eV$ कार्य फलन वाली धातु इलेक्ट्रोड का उपयोग किया जाता है। फोटोइलेक्ट्रॉन के लिए निरोधी विभव (stopping potential) क्या होगा ($V$ में)? (मान लीजिए $hc = 1240 \,eV-nm$)

दिए गए ग्राफ में दो अलग-अलग धातुओं '$P$' और '$Q$' के लिए आपतित विकिरण की आवृत्ति $(\nu)$ के विरुद्ध निरोधी विभव (stopping potential) $(V_{s})$ को दर्शाया गया है। यदि $\phi_{P}$ और $\phi_{Q}$ क्रमशः धातुओं '$P$' और '$Q$' के कार्य फलन (work functions) हैं,तो निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

जब $4.25\, eV$ ऊर्जा का एक फोटॉन धातु $A$ की सतह पर टकराता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $T_A\, eV$ और डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य ${\lambda _A}$ होती है। $4.70\, eV$ ऊर्जा के फोटॉन द्वारा दूसरी धातु $B$ से मुक्त फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ${T_B} = ({T_A} - 1.50)\, eV$ है। यदि इन फोटोइलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य ${\lambda _B} = 2{\lambda _A}$ है,तो:

जब $400 \, nm$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश $2.5 \, eV$ कार्य फलन वाली धातु पर गिरता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम रैखिक संवेग ज्ञात कीजिए।

शून्य-बिंदु ऊर्जा (zero-point energy) या फर्मी ऊर्जा (Fermi energy) क्या है?

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