बोहर की पहली कक्षा में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग $L$ है। यदि इलेक्ट्रॉन को हाइड्रोजन परमाणु की दूसरी कक्षा में घूमता हुआ माना जाए,तो कोणीय संवेग में परिवर्तन होगा:

  • A
    $\frac{L}{2}$
  • B
    $0$
  • C
    $L$
  • D
    $2L$

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हाइड्रोजन परमाणु की मूल अवस्था (ground state) की ऊर्जा $-13.6 \text{ eV}$ है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का अनुपात क्या है?

हाइड्रोजन परमाणु के बारे में निम्नलिखित कथन दिए गए हैं:
$A$. लाइमन श्रेणी की स्पेक्ट्रमी रेखाओं की तरंगदैर्घ्य,बामर श्रेणी की दूसरी स्पेक्ट्रमी रेखा की तरंगदैर्घ्य से अधिक है।
$B$. कक्षाएं गोलाकार स्थिर तरंगों के अनुरूप होती हैं जिनमें कक्षा की परिधि तरंगदैर्घ्य के पूर्ण गुणज के बराबर होती है।

$Li^{2+}$ की आयनन ऊर्जा किसके बराबर है?

कथन $(A)$: नाभिक के चारों ओर घूमते हुए इलेक्ट्रॉन का चुंबकीय आघूर्ण $(\mu)$ मुख्य क्वांटम संख्या $(n)$ के बढ़ने के साथ घटता है।
कारण $(R)$: घूमते हुए इलेक्ट्रॉन का चुंबकीय आघूर्ण,$\mu \propto n$.

हाइड्रोजन परमाणु की दूसरी बोहर कक्षा में गति कर रहे इलेक्ट्रॉन का जड़त्व आघूर्ण (moment of inertia) क्या है? ($h=$ प्लांक नियतांक,$m=$ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान,$\varepsilon_0=$ निर्वात की विद्युतशीलता,$e=$ इलेक्ट्रॉन पर आवेश)

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