$2 \text{ mH}$ का एक प्रेरकत्व,$20 \mu\text{F}$ का एक संधारित्र और $50 \Omega$ का एक प्रतिरोध एक $A.C.$ स्रोत के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। प्रेरक और संधारित्र का प्रतिघात समान है। उनमें से किसी एक का प्रतिघात होगा: ($\Omega$ में)

  • A
    $100$
  • B
    $50$
  • C
    $40$
  • D
    $10$

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$R$ प्रतिरोध का एक प्रतिरोधक, $2R$ प्रेरणिक प्रतिघात का एक प्रेरक, और $X_C$ धारितीय प्रतिघात का एक संधारित्र एक $A.C.$ स्रोत के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। यदि श्रेणी $LCR$ परिपथ अनुनाद में है, तो परिपथ का शक्ति गुणांक और $X_C$ का मान क्रमशः क्या होगा?

$L=3.0\; H$,$C=27\; \mu F$ और $R=7.4\; \Omega$ वाले श्रेणी $LCR$ परिपथ की अनुनादी आवृत्ति और $Q$-कारक ज्ञात कीजिए। परिपथ के अनुनाद के तीक्ष्णत्व (sharpness) को सुधारने के लिए इसकी 'फुल विड्थ एट हाफ मैक्सिमम' (बैंडविड्थ) को $2$ के गुणक से कम करना वांछित है। एक उपयुक्त उपाय सुझाएं।

एक $LCR$ परिपथ में,अनुनादी आवृत्ति (resonating frequency) $500 \,kHz$ है। यदि $L$ का मान दोगुना कर दिया जाए और $C$ का मान उसके प्रारंभिक मान का $\frac{1}{8}$ गुना कर दिया जाए,तो नई अनुनादी आवृत्ति $kHz$ में क्या होगी?

$C = 2 \mu F$,$L = 1 \ mH$ और $R = 10 \ \Omega$ वाले श्रेणी $LCR$ परिपथ में,जब परिपथ में धारा अधिकतम होती है,तब संधारित्र में संचित ऊर्जा और प्रेरक में संचित ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?

Difficult
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एक परिपथ की अनुनादी आवृत्ति $f$ है। यदि धारिता को प्रारंभिक मान का $4$ गुना कर दिया जाए,तो अनुनादी आवृत्ति हो जाएगी

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