कथन $(A)$: $S.H.M$ में,गतिज और स्थितिज ऊर्जा तब समान हो जाती हैं जब दूरी इसके आयाम की $1/\sqrt{2}$ गुनी होती है। कारण $(R)$: $S.H.M$ करने वाले कण की स्थितिज ऊर्जा आवर्ती होती है और चरम विस्थापन पर अधिकतम होती है।

  • A
    $A$ और $R$ दोनों सही हैं। $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
  • B
    $A$ और $R$ दोनों सही हैं। $R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    $A$ सही है,लेकिन $R$ गलत है।
  • D
    $A$ गलत है,लेकिन $R$ सही है।

Explore More

Similar Questions

$SHM$ कर रहे समान द्रव्यमान के दो कणों के विस्थापन को समीकरणों $x_1=4 \sin \left(10 t+\frac{\pi}{6}\right)$ और $x_2=5 \cos (\omega t)$ द्वारा दर्शाया गया है। $\omega$ का वह मान जिसके लिए दोनों कणों की ऊर्जा समान रहती है, है ($\text{ unit}$ में)

एक पिंड $n$ आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति कर रहा है,तो उसकी स्थितिज ऊर्जा की आवृत्ति क्या होगी?

एक पिंड $A$ आयाम के साथ सरल आवर्त गति करता है। माध्य स्थिति से किस विस्थापन पर,पिंड की स्थितिज ऊर्जा उसकी कुल ऊर्जा की एक-चौथाई होगी?

$3 \,kg$ द्रव्यमान की एक वस्तु $\frac{2}{\pi} \,m$ के आयाम के साथ सरल आवर्त गति कर रही है। यदि माध्य स्थिति से गुजरते समय वस्तु की गतिज ऊर्जा $6 \,J$ है, तो वस्तु का दोलन काल क्या है ($\,s$ में)?

$SHM$ के एक आवर्तकाल में औसत गतिज ऊर्जा क्या होती है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo