प्लांक का क्वांटम सिद्धांत और उसका महत्व समझाइए।

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(N/A) प्लांक का क्वांटम सिद्धांत कृष्णिका विकिरण (black body radiation) और प्रकाश-विद्युत प्रभाव जैसी घटनाओं को समझाने के लिए प्रस्तावित किया गया था,जिन्हें प्रकाश के तरंग सिद्धांत द्वारा नहीं समझाया जा सका था।
मुख्य बिंदु:
$1$. परमाणु और अणु ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण निरंतर तरीके के बजाय 'क्वांटा' नामक छोटे पैकेटों में करते हैं।
$2$. विकिरण के एक क्वांटम की ऊर्जा $(E)$ उसकी आवृत्ति $(v)$ के सीधे आनुपातिक होती है,जिसे $E = hv$ समीकरण द्वारा व्यक्त किया जाता है,जहाँ $h$ प्लांक स्थिरांक $(6.626 \times 10^{-34} \ J \ s)$ है।
$3$. किसी पिंड द्वारा उत्सर्जित या अवशोषित कुल ऊर्जा क्वांटम का एक पूर्णांक गुणज होती है,जिसे $E = nhv$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $n = 1, 2, 3, \dots$ है।
महत्व:
प्लांक का सिद्धांत विभिन्न तापमानों पर कृष्णिका से विकिरण की तीव्रता के वितरण को आवृत्ति या तरंग दैर्ध्य के फलन के रूप में समझाने में सफल रहा,जिसे चिरसम्मत भौतिकी समझाने में विफल रही थी।

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$\lambda \ (nm)$ $500, 450, 400$
$v \times 10^{-5} \ (cm \ s^{-1})$ $2.55, 4.35, 5.35$

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